नहरों-माइनरों की सिल्ट सफाई में भ्रष्टाचार का आरोप, किसान संगठन अनिश्चितकालीन धरने पर धरना देते किसान संगठन के लोग
ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल
सकलडीहा। तहसील क्षेत्र के श्रीकांतपुर में मुसाखाड़ डिवीजन तृतीय के अंतर्गत आने वाली नहरों, राजवाहों और माइनरों की सफाई में मनमानी व भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर गुरुवार को भारतीय अवस्थी किसान संगठन (अराजनैतिक) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। किसानों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है और चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। किसान संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग तृतीय के एसडीओ, जेई और संबंधित ठेकेदार की मिलीभगत से नहरों की सिल्ट सफाई आधी-अधूरी कराकर कागजों में पूरा कार्य दिखा दिया गया और भुगतान निकाल लिया गया। धरने पर बैठे किसान नेताओं ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
भारतीय अवस्थी किसान संगठन के वाराणसी मंडल अध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी ने कहा कि मुसाखाड़ डिवीजन तृतीय की नहरों और माइनरों की सफाई में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। कागजों में सिल्ट सफाई दिखाकर धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। किसानों ने यह भी मांग की कि श्रीकांतपुर गांव के तालाब और खेल मैदान से अतिक्रमण हटाया जाए। साथ ही ग्राम सचिव और प्रधान पर मनरेगा के तहत बिना कार्य कराए भुगतान निकालने का आरोप लगाते हुए इसकी भी जांच कराने की मांग की गई। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक सभी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। धरने में मंडल अध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी के साथ अंजनी तिवारी, रणविजय यादव, अखिलेश यादव, अविनाश कुमार, मृत्युंजय यादव, अनिरुद्ध कुमार, सतेंद्र कुमार, ननकू सेठ, भोला तिवारी, संतोष पांडेय, गोलू जायसवाल, राजेश सैनी समेत बड़ी संख्या में किसान नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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