वाराणसी 51 जोड़ो के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पूज्य महाराज का दिव्य आशीर्वाद, सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश
पावन सामूहिक विवाह कार्यक्रम के अवसर पर श्री श्री 1008 डॉ. सचिन्द्र नाथ जी महाराज ने ब्रह्मराष्ट्र एकम एवं श्रीकुल पीठ की ओर से उपस्थित होकर नवविवाहित सभी जोड़ों को स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया और उनके दाम्पत्य जीवन के लिए मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं। अपने आशीर्वचन में पूज्य महाराज ने कहा कि शास्त्रों में नारी को पूज्य माना गया है,“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”
अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। सामूहिक विवाह जैसे आयोजन नारी सम्मान सामाजिक समरसता और मानवीय करुणा का जीवंत उदाहरण हैं।
पूज्य महाराज ने इस पुण्य आयोजन के लिए प्रमुख समाजसेविका श्रीमती सुधा मोदी के प्रयासों की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि उनका यह कार्य समाज में अटूट समरसता के भाव को पिरोता है और वंचित व गरीब परिवारों को भी विवाह संस्कार के उत्सव में सम्मानपूर्वक सहभागी बनने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने श्रीमती सुधा मोदी को विशेष मंगल आशीर्वाद देते हुए उनके सेवा-संकल्प को ईश्वरीय प्रेरणा से अनुप्राणित बताया।
पूज्य महाराज ने सभी आयोजकों संयोजकों तथा नवविवाहित जोड़ों के परिवारजनों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि सोलह संस्कारों में विवाह संस्कार समाज की नींव को सुदृढ़ करता है।
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