राज्यसभा में गूंजी चंदौली के लिए पशु चिकित्सा महाविद्यालय की मांग, सांसद दर्शना सिंह की पहल से पूर्वांचल को नई उम्मीद।
ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल
नई दिल्ली/चंदौली।
आकांक्षी जनपद चंदौली के विकास को नई दिशा देने की मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर जोर पकड़ती नजर आ रही है। राज्यसभा सांसद श्रीमती दर्शना सिंह ने सदन में विशेष उल्लेख के माध्यम से चंदौली में पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की मांग उठाई। उनके इस प्रस्ताव को पूर्वांचल के किसानों, पशुपालकों और युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सदन में उठी चंदौली की आवाज राज्यसभा में अपने वक्तव्य के दौरान सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि चंदौली एक कृषि प्रधान जिला है, जहां बड़ी संख्या में किसान पशुपालन, डेयरी और पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है और इसे वैज्ञानिक प्रशिक्षण व आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सशक्त करना समय की जरूरत है। उन्होंने सरकार द्वारा ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यदि चंदौली में पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना होती है, तो इससे पूरे पूर्वांचल क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।
संभावनाएं अधिक, सुविधाएं कम चंदौली जिले में दूध, अंडा, मांस, बकरी पालन और अन्य पशुधन आधारित गतिविधियों में तेजी से विस्तार हो रहा है। लेकिन उन्नत पशु चिकित्सा सेवाओं, अनुसंधान और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की कमी के कारण किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से पशुओं के रोग नियंत्रण और उपचार में सुधार होगा, नस्ल सुधार कार्यक्रमों को गति मिलेगी और दुग्ध व अन्य पशु उत्पादों की गुणवत्ता तथा उत्पादन में बढ़ोतरी संभव होगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। युवाओं के लिए शिक्षा व रोजगार का अवसर सांसद ने कहा कि इस संस्थान की स्थापना से पूर्वांचल के युवाओं को स्थानीय स्तर पर पशु चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे चिकित्सकों और तकनीकी विशेषज्ञों के नए पद सृजित होंगे तथा डेयरी, पशु आहार और फार्मा जैसे सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है। डबल इंजन सरकार से जताई उम्मीद दर्शना सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही सरकार के ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि चंदौली जैसे आकांक्षी जिलों के विकास के लिए सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से चंदौली न केवल आकांक्षी जिला बल्कि पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था का एक आदर्श मॉडल बन सकता है।
किसानों और युवाओं में उत्साह राज्यसभा में मुद्दा उठने के बाद चंदौली और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। किसान संगठनों और युवाओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो यह चंदौली ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।
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