जमीन मालिक ने प्रशासन पर लगाया गंभीर आरोप जालसाजी का मामला, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल
जनपद चन्दौली के पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) तहसील अंतर्गत ग्राम महादेवपुर में जमीन से जुड़े एक गंभीर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी बैनामा करा लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रेमनारायण पाठक पुत्र स्वर्गीय रामजी पाठक, निवासी ग्राम महादेवपुर, तहसील सकलडीहा ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि ग्राम महादेवपुर, परगना मवई स्थित उनकी भूमिधरी आराजी संख्या 163, 164 व 165 संयुक्त रूप से उनके, उनके भाइयों तथा माता निर्मला देवी के नाम दर्ज है।
प्रार्थी का आरोप है कि उनका छोटा भाई विजयनारायण पाठक मानसिक रूप से अस्वस्थ है और वह उन्हीं के साथ रहकर परिवार की देखरेख व इलाज में है। इसके बावजूद 05 दिसंबर 2025 को कुछ लोगों ने आपसी षड्यंत्र कर विजयनारायण पाठक के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैनामा करा लिया।
बताया जा रहा है कि इस फर्जी बैनामे में विकास तिवारी निवासी ग्राम हौना, आजाद प्रसाद निवासी ग्राम खीनपुर, वृजेश कुमार निवासी ग्राम हिंगुतर तथा अवनीश कुमार बरवार निवासी बहनियाँ शामिल हैं। आरोप है कि ₹7 लाख में यह बैनामा आजाद प्रसाद के पक्ष में दिखाया गया, जिसका भुगतान बैंक ऑफ इंडिया, शाखा चहनिया के चेक से होना दर्शाया गया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि विजयनारायण पाठक ने कभी कोई बैनामा नहीं किया। बैनामा पत्र पर उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगाई गई है और गवाहों द्वारा जानबूझकर झूठी गवाही दी गई। पूरा मामला धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र का है।
पुलिस और प्रशासन पर उदासीनता का आरोप
इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने 25 दिसंबर 2025 को चौकी इंचार्ज शिवाला, थाना मुगलसराय को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद थाने और एसपी कार्यालय तक तहरीर दी गई, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित प्रेमनारायण पाठक ने बताया कि गांव वालों से सूचना मिली कि उनके मानसिक रूप से अक्षम भाई की जमीन बेच दी गई है। जांच करने पर पता चला कि आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसे फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसी अन्य व्यक्ति को विजयनारायण पाठक बनाकर रजिस्ट्री करा दी गई। वकील के माध्यम से रजिस्ट्री के दस्तावेजों की नकल निकलवाई गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
पीड़ित की भाभी सरस्वती देवी ने भी आरोप लगाया कि उनके देवर मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और फर्जी व्यक्ति बनाकर जमीन बेच दी गई। उन्होंने बताया कि जमीन खरीदने वाले आजाद प्रसाद से बातचीत में यह जानकारी मिली कि जमीन विकास त्रिपाठी द्वारा दिलाई गई है।
ग्राम प्रधान ने भी की शिकायत
ग्राम प्रधान मनोज कुमार (ग्राम छमिया) ने बताया कि विजयनारायण पाठक के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर उनकी जमीन आजाद प्रसाद के नाम कर दी गई है। सूचना मिलने पर उन्होंने भी तत्काल चौकी, थाना और एसपी कार्यालय को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है। निष्पक्ष जांच की मांग पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, फर्जी बैनामे को निरस्त घोषित किया जाए और मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यह मामला न केवल जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े को उजागर करता है, बल्कि कमजोर और असहाय व्यक्तियों के शोषण पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संवेदनशील प्रकरण में कब और क्या कार्रवाई करता है।
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