Breaking News
Kashi Ki Aawaz | चार लेबर कोड के विरोध में ECREU का प्रदर्शन, आम हड़ताल को दिया नैतिक समर्थन।
चंदौली

चार लेबर कोड के विरोध में ECREU का प्रदर्शन, आम हड़ताल को दिया नैतिक समर्थन।

चार लेबर कोड के विरोध में ECREU का प्रदर्शन, आम हड़ताल को दिया नैतिक समर्थन।

निजीकरण, नई श्रम नीति और पेंशन व्यवस्था को लेकर रेल कर्मचारियों में नाराज़गी।

ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर/हाजीपुर (पूर्व मध्य रेल):
ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ECREU) ने गुरुवार 12 फरवरी को मजदूर विरोधी बताए जा रहे चार लेबर कोड के खिलाफ आयोजित देशव्यापी आम हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया। इस दौरान पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न इकाइयों, विशेषकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर मंडल के प्लांट डिपो सहित कई स्थानों पर रेल कर्मचारियों ने एकत्र होकर गेट मीटिंग, विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। गेट मीटिंग की अध्यक्षता ECREU के केंद्रीय संगठन सचिव कामरेड एस.के. शर्मा ने की, जबकि संचालन पीडी सचिव कामरेड चंद्रिका यादव ने किया। यूनियन नेताओं ने नए लेबर कोड की वापसी, रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण पर रोक, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, रिक्त पदों पर भर्ती तथा कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
सहायक महासचिव कामरेड किरण कुमारी ने कहा कि चार लेबर कोड मजदूरों पर थोपा गया काला कानून है और इससे कार्य के घंटे बढ़ाने तथा वेतन व सुविधाओं में कटौती जैसी व्यवस्थाएं लागू हो सकती हैं, जिससे मजदूरों की स्थिति और खराब होगी। उन्होंने कहा कि पहले से ही बड़ी संख्या में निजी और ठेका मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल रही है, ऐसे में श्रम कानूनों को कमजोर करना श्रमिक हितों के खिलाफ है। IREF के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय संगठन सचिव कामरेड एस.के. शर्मा ने कहा कि पेंशन, वेतन वृद्धि, भत्ता, बोनस और ड्यूटी रोस्टर कर्मचारियों के अधिकार हैं, जिन्हें सरकार को स्वतः लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट हैं और पेंशन, निजीकरण व नई श्रम नीति जैसे मुद्दों पर देशव्यापी विरोध जारी रहेगा।
प्लांट डिपो सचिव कामरेड चंद्रिका यादव ने रेलवे में निजीकरण और निगमीकरण को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि 55/30 सर्विस रिव्यू नीति, NPS और UPS लागू कर दी गई है, जबकि पुरानी पेंशन योजना पर कोई ठोस पहल नहीं हो रही। उन्होंने देशभर के कर्मचारियों के लिए एक समान पेंशन व्यवस्था यानी OPS लागू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने रनिंग स्टाफ, पॉइंट्समैन, गेटमैन और सिग्नल कर्मियों से 12 से 24 घंटे तक ड्यूटी लेने और ड्यूटी रोस्टर के अव्यवस्थित होने पर भी सवाल उठाए। प्लांट डिपो कोषाध्यक्ष कामरेड मृत्युंजय कुमार ने कहा कि रेलवे में लगभग तीन लाख पद रिक्त हैं, जिससे कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ गया है। उन्होंने रेल लाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए जीवन रक्षक उपकरण और एक करोड़ रुपये के बीमा की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कामरेड एस.के. शर्मा ने कहा कि रेलवे देश की सबसे बड़ी कार्यशील इकाई है और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए इसे आगे आना होगा। उन्होंने 1974 के रेल आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता से ही अधिकारों की रक्षा संभव है। कार्यक्रम के अंत में कामरेड चंद्रिका यादव ने सभी रेलकर्मियों और मजदूरों को धन्यवाद देते हुए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर केंद्रीय संगठन सचिव एस.के. शर्मा, सहायक महासचिव किरण कुमारी, उपाध्यक्ष सीमा कुमारी, संयुक्त सचिव प्रभात कुमार, कोषाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, सत्यानंद प्रसाद, प्रतिश कुमार, मुकेश कुमार, शिवांगी कुमारी, श्रीकांत सिंह, आशीष कुमार, विरेंद्र, विकास, विनीत, विवेक, विनोद, सुनील सहित सैकड़ों रेल कर्मचारी मौजूद रहे।

You can share this post!

Leave Comments

Login to leave a comment.