आर्थिक तंगी से जूझ रहे ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय का हो सीघ्र भुगतान।
ब्यूरो रिपोर्ट तारा शुक्ला सोनभद्र
● वर्तमान वित्तीय वर्ष के साथ पिछले पांच वर्षों में मनरेगा के प्रशानिक मद के व्यय की हो उच्च स्तरीय जांच।
● शासन के निर्देश को दृष्टिगत रखते हुए ब्लाक मनरेगा सेल में वर्षों से कुंडली मारकर बैठे एपीओ, लेखा सहायक, कम्प्यूटर ऑपरेटर स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से किया जाय।
● मनरेगा में व्याप्त भ्र्ष्टाचार व सप्लायरों से सांठ- गांठ कर की जा रही वित्तीय अनियमितता में ब्लाक मनरेगा सेल की भूमिका संदिग्ध।
● पेट्रोल, डीजल, स्टेशनरी, फर्नीचर खरीद के नाम धन का हो रहा बन्दरबांट।
●बंधुआ मजदूर से बदतर हालत में जी रहे ग्राम रोजगार सेवक।
● सरकार और विभागीय अधिकारियों के तानाशाही से आजीज प्रदेश भर में दर्जनों ग्राम रोजगार सेवकों द्वारा आत्म हत्या तथा अर्थाभाव के कारण इलाज न करा पाने के कारण गम्भीर बीमारियों से हुई मौत के लिए योगी सरकार जिम्मेदार।
● विभागीय लापरवाही के चलते यूएएन खाते में अंतरित नही हुई ईपीएफ की धनराशि ईपीएफ द्वारा अर्थ दण्ड मांगने पर छिड़ा घमासान कौन करेगा भुगतान।
सोनभद्र। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना अब (विकसित भारत जी राम जी) योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों के 10 - 12 माह से लम्बित मानदेय का भुगतान करने , ईपीएफ की धनराशि यूएएन खाते में विलंब अर्थ दण्ड के साथ जमा करने एवं मनरेगा के प्रशासनिक मद में विगत पांच वर्षो में व्यय धनराशि की उच्च स्तरीय जांच किये जाने तथा विभिन्न विकास खण्डों में मनरेगा सेल में वर्षों से कुंडली मारकर बैठे पटल सहायक एपीओ, लेखा सहायक व कम्प्यूटर ऑपरेटर के स्थानांतरण सहित छः सूत्रीय मांग को लेकर समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव विवेक सिंह पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल जिलाधिकारी से मिला और ग्राम रोजगार सेवकों के समस्याओं से अवगत कराते हुए समस्याओं के निस्तारण की पुरजोर मांग की।
उक्त के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव विवेक सिंह (किसान का बेटा जमीनी नेता) ने कहा कि भले ही मनरेगा योजना का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी योजना रख दिया गया परन्तु योजना आरम्भ से अब तक लगभग 20 वर्षों की सेवा प्रदान कर योजना में ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों के जीवन स्तर में कोई बदलाव नही आया केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा विकसित भारत जी रामजी योजना के दावे हवा हवाई और खोखले साबित हो रहे हैं प्रदेश में आर्थिक तंगी से जूझ रहे दर्जनों ग्राम रोजगार सेवको को गम्भीर वीमारियों में इलाज नही करा पाने तथा परिवार का भरण- पोषण नही कर पाने के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा जिसके लिए सूबे की योगी सरकार के अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार है और इन्हें दोषी मानते हुए मुख्यमंत्री को स्वयं संज्ञान लेकर मनरेगा के प्रशासनिक मद में की गयी वित्तीय अनियमितता और लूट की उच्च स्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराना चाहिए।
साथ ही साथ उन्होंने ग्राम रोजगार सेवकों के वर्तमान व पूर्व के वित्तीय वर्षों में लम्बित मानदेय का एकमुश्त भुगतान की मांग करते हुए कहा कि विकास खण्ड स्तर पर बीडीओ/कार्यक्रम अधिकारी बकाया मानदेय की फीडिंग कराने के नाम पर तानाशाही रुख अख्तियार किये हुए है एक ही जनपद में अलग -अलग नियम अपनाए जा रहे हैं और मानदेय भुगतान के सम्बंध में जारी शासनादेश व शासन के आदेश निर्देश की व्याख्या भिन्न- भिन्न तरीके से कर रहे है जो तर्क संगत और न्याय संगत नही है जनपद में व्याप्त उक्त विसंगति को दूर करने हेतु जिलाधिकारी के स्तर से मानदेय भुगतान से सम्बंधित पत्र जारी करने के साथ ही जनपद के विभिन्न विकास खण्डों में वर्षों से कुंडली मारकर बैठे पटल सहायक एपीएओ, लेखा सहायक व कम्प्यूटर ऑपरेटर के स्थानांतरण की मांग को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं का यदि सीघ्र निस्तारण नही किया गया तो हम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी को समूचे प्रकरण से अवगत कराने के पश्चात आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे और सोनभद्र से संविदा कर्मचारियों के शोषण व उत्पीड़न के विरुद्ध जनांदोलन सुरु करेंगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी।
महिला जिला अध्यक्ष गीतागौर , युवा नेता दुबे , कृष्ण यादव, सुशील कुमार, प्रमोद सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।
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