केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए तब बताया था कि इस पूरे प्रोजेक्ट पर 2,642 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रोजेक्ट के तहत वाराणसी और दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण भी किया जाएगा। वैष्णव ने कहा कि यह मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट भीड़भाड़ को कम करने के साथ ही परिवहन को नई धार देगा।
1200 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल में पूर्वांचल की तरक्की भी छिपी है। मालवीय ब्रिज के जर्जर होने के कारण हावड़ा-नई दिल्ली रेलखंड से पूर्वांचल का हिस्सा मजबूती से जुड़ नहीं पाता था। नए ब्रिज पर चार रेल ट्रैक यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों को भी एक साथ चलने की अनुमति देंगे। इससे वाराणसी से पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार को जोड़ने के लिए नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी, जिससे न केवल सफर आसान होगा, बल्कि माल ढुलाई में तेजी आने से वाराणसी में गंगा में रेल-रोड ब्रिज के लिए कंपनी का हो गया चयन, जल्द शुरू होगा काम, जान लें पूरी योजना
गंगा में नए रेल-रोड ब्रिज की परियोजना के लिए अंतिम तौर पर अब कंपनियों का चयन कर लिया गया है। इसके लिए RVNL-GPT JV की साझा बोलियों के साथ ही कंपनी चयन के साथ अब काम शुरू होने की तैयारियां भी अब जोर पकड़ने जा रही हैं। अब पीडीडीयू जंक्शन से बनारस के बीच की दूरी को तय करने में बाधा तो दूर होगी ही और आउटर पर रूकने और दूसरी ट्रेन पास होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।दरअसल मई 2023 में काशी रेलवे स्टेशन के डिजाइन को मंजूरी मिली। जुलाई 2023 में गंगा ब्रिज पर छह लेन की सड़क और चार रेलवे ट्रैक की डिजाइन मंजूर हुई तो लगा योजना जल्द साकार होगी। इसके बाद मार्च 2024 में आइआइटी रुड़की और बीएचयू के इंजीनियरों ने सुरक्षा एनओसी दी और जून 2024 में पुरातत्व विभाग ने परियोजना को अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया। इसके बाद से कंपनी के चयन का काम चल रहा था जो अब जनवरी 2026 में पूरा हो चुका.!
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