धनुष यज्ञ के साथ शिवद्वार में 77वीं रामलीला का समापन।
ब्यूरो रिपोर्ट तारा शुक्ला सोनभद्र
"विश्व कल्याण व धर्म प्रचार रहा मुख्य उद्देश्य"
घोरावल, सोनभद्र (उ.प्र.) | घोरावल तहसील क्षेत्र के शिवद्वार मंदिर प्रांगण में श्री शंकर रामलीला समिति द्वारा आयोजित चार दिवसीय 77वीं रामलीला का समापन सोमवार देर रात धनुष यज्ञ के साथ हुआ। कार्यक्रम रात 9 बजे से शुरू होकर देर रात तक चला। रामलीला में हार्दिक (राम), कान्हा (लक्ष्मण), सुबास गिरी, राजेश्वर राम शुक्ल (मारीच), जगदीश मिश्र (विश्वामित्र) व नीतीश शुक्ल (परशुराम) ने प्रमुख भूमिकाएं निभाईं। समिति के अनुसार आयोजन का उद्देश्य विश्व कल्याण, लोक शांति, सामाजिक संगठन, सनातन उत्थान एवं धर्म प्रचार-प्रसार है। समिति अध्यक्ष श्रीकांत दुबे ने बताया कि रामलीला की शुरुआत वर्ष 1950 में स्व. रामलखन तिवारी द्वारा की गई थी। इस अवसर पर ब्रह्मानंद, शरद, सच्चितानंद मिश्र, रवि, धीरेन्द्र, अमित, नंदकुमार, नंदू, जगदीश, पुजारी सुबास गिरी व मंदिर समिति अध्यक्ष रविंद्र कुमार मिश्र सहित सैकड़ों दर्शक मौजूद रहे।
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