धानापुर में ‘हमारा आंगन हमारे बच्चे’ उत्सव सम्पन्न, 65 निपुण बच्चों को मिला सम्मान।
ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल
चंदौली। जनपद के धानापुर ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) परिसर में सोमवार दोपहर 1 बजे ‘हमारा आंगन हमारे बच्चे’ उत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसआरजी सुभाष यादव रहे, जबकि अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी अवधेश नारायण सिंह ने की। शिक्षा ही विकास की कुंजी – खंड शिक्षा अधिकारी खंड शिक्षा अधिकारी अवधेश नारायण सिंह ने अपने संबोधन में कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों की विद्यालय में नियमित सहभागिता, शत-प्रतिशत नामांकन और उपस्थिति सुनिश्चित करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विद्यालय का वातावरण आकर्षक और प्रेरणादायी हो, यह भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे प्रतिदिन अपने बच्चों को विद्यालय भेजें और उनका मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सरकारी सुविधाओं एवं शैक्षणिक सामग्रियों का उल्लेख करते हुए कहा, “सब पढ़ें, सब आगे बढ़ें — शिक्षा ही विकास की कुंजी है और इस पर सबका समान अधिकार है।”
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से प्री-प्राइमरी स्तर पर समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘हमारा आंगन हमारे बच्चे’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। 13 संकुलों से 65 बच्चों ने लिया भाग
इस उत्सव में 13 संकुलों से कुल 65 बच्चों ने प्रतिभाग किया। प्रत्येक संकुल से पांच बच्चों का चयन किया गया, जिसमें कक्षा 1 से 3 तक के तीन निपुण विद्यार्थी और बाल वाटिका से दो बच्चे शामिल थे। चयनित बच्चों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों को स्टेशनरी किट वितरित की गई। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
शिक्षकों की रही सक्रिय सहभागिता कार्यक्रम में पंकज पाण्डेय, प्रदीप शर्मा, राणा प्रताप यादव, दीपक मौर्य, नूर अख्तर, अफसर अली, इम्तियाज खान, बृजेश सिंह, राजेंद्र यादव, बिपिन कुमार, सुनील कुशवाहा, सजेंद्र राम, शिवेंद्र मिश्रा, चंद्रजीत मौर्य, भगवान सिंह, अशोक यादव, उषा मौर्या और सुमन कांत सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन एआरपी कमलेश प्रजापति ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह उत्सव शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।
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