संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती में गरजे सपा सांसद वीरेंद्र सिंह, शंकराचार्य प्रकरण पर सरकार को घेरा।
ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल
चंदौली। संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित एक निजी लॉन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने शिरकत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान सांसद ने मंच से संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और धर्माचार्यों के सम्मान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिस “सनातन” के नारे पर भाजपा की सरकार बनी है, यदि उसी सनातन परंपरा के आचार्य आदि शंकराचार्य को प्रताड़ित करने का प्रयास किया जाएगा तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और धर्म दो अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। सरकार का दायित्व है कि वह धर्माचार्यों का सम्मान करे, न कि उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाजवादी पार्टी की पूरी संवेदना शंकराचार्य जी के साथ है। सांसद ने यह भी बताया कि वह स्वयं शंकराचार्य जी से मिलने जाएंगे, उनका पक्ष जानेंगे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जो भी निर्णय लेंगे, उसका पालन करेंगे।
मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह कदम पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समाज का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि वोट भी पीडीए समाज से चाहिए और अपमान भी उसी वर्ग का किया जाए — यह दोहरा व्यवहार क्यों? उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की राजनीति से प्रदेश का माहौल खराब हो रहा है।
वटुकों की शिखा खींचे जाने के मामले पर सांसद ने कहा कि यह कृत्य बिल्कुल क्षम्य नहीं है। शिखा का सम्मान वही कर सकता है जो उसकी गरिमा को समझता हो। उन्होंने कहा कि इस विषय को राजनीति से जोड़ने के बजाय सामाजिक व्यवस्था को सुधारने और सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत है। ब्राह्मण समाज की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि समाज स्वयं को अपमानित महसूस कर रहा है और वह सब समझता है।
डिप्टी सीएम द्वारा वटुकों का सम्मान किए जाने पर वीरेंद्र सिंह ने इसे “लॉलीपॉप राजनीति” करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले अपमान और बाद में सम्मान दिखाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज जागरूक और बुद्धिमान है, वह परिस्थितियों और दबावों को भलीभांति समझता है।
अपने संबोधन के अंत में सांसद ने कहा कि यह मुद्दा अब “दिल्ली बनाम लखनऊ” की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में यह मामला किस रूप में सामने आएगा, यह समय तय करेगा।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, चंद्रशेखर यादव, पूर्व अध्यक्ष मुसाफिर सिंह चौहान और संतोष यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जयंती समारोह में संत गाडगे महाराज के सामाजिक समरसता और स्वच्छता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया।
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